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गुरुद्वारा प्रबन्धक कमेटी के पदाधिकारियों के इस्तीफे,ओर श्री अकाल तख्त के जत्थेदार के फैसले तक पांच सदस्यीय कमेटी सदस्यो को सौपा गुरुद्वारा साहिब का कार्यभार

गुरुद्वारा प्रबन्धक कमेटी के पदाधिकारियों के इस्तीफे,ओर श्री अकाल तख्त के जत्थेदार के फैसले तक पांच सदस्यीय कमेटी सदस्यो को सौपा गुरुद्वारा साहिब का कार्यभार


 नानकमत्ता: (संवादाता– सतपाल सिंह) गुरुद्वारा नानकमत्ता साहिब में 24 जुलाई को मुख्यमंत्री के आगमन पर गुरु घर मे हुए बच्चियों के नृत्य कार्यक्रम व दरबार साहिब में गुरुबाणी कत्था रोके जाने व नारेबाजी करने को लेकर संगत के बीच भारी रोष व्याप्त था । जिसको लेकर उत्तराखंड व उत्तरप्रदेश से भारी संख्या में बीते मंगलवार को सिख संगत गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब में पहुँची थी । इधर मामला श्री अकाल तख्त अमृतसर के सिंघ साहिबान जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह के संज्ञान में आने के बाद सिंघ साहिबान ने तीन सदस्यीय कमेटी अमृतसर से गुरुद्वारा नानकमत्ता साहिब में जांच के लिए भेज मंगलवार को संगत से मिली और उसके बाद गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारियों तथा सभी सदस्यों के साथ बैठक की । जिसके बाद आज बुधवार को गुरुद्वारा साहिब में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के 24 सदस्यो के साथ अकाल तख्त की तीन सदस्यीय कमेटी के सदस्य श्री अकाल तख्त अमृतसर के हेड ग्रन्थी ज्ञानी मलकीत सिंह, प्रचारक ज्ञानी सर्वजीत सिह ढोढ़ी, धर्म प्रचारक ज्ञानी अजीत सिंह ने फैसला लेते हुए गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सेवा सिह, मीत प्रधान जसविंदर सिंह गिल, जनरल सैकेट्री धन्ना सिह व सैकेट्री डॉ० केहर सिह सहित चारो पदाधिकारियों को गुरु घर मे हुई अनैतिकता के आधार पर सिहसाहिबान के फैसले लेने तक इस्तीफा देने का फैसला दिया ।जिसके बाद चारो गुरुद्वारा पदाधिकारियो ने सिघसाहिबान के फैसले को सर्वोपरि मानते हुए अपने इस्तीफे दे दिए । इसके बाद तीन सदस्यीय कमेटी ने 19 सदस्यो से अपने-अपने नाम की पर्चियों को डालकर उसमें से पांच सदस्यो को लक्की ड्रा के तहत पर्चियों को निकाला गया । जिसके बाद जरनैल सिंह अमरिया, कुलदीप सिंह पन्नू बरेली, अमरजीत सिंह किच्छा, सुखदीप सिह पूरनपुर, जसबीर सिंह गौलापार नैनीताल को पांच सदस्यीय कमेटी सदस्य बनाया गया । उसके बाद संगत के बीच मे श्री दरबार साहिब में अरदास के बाद सिघसाहिबान हेड ग्रन्थी ज्ञानी मलकीत सिंह के चुने गए पाँचो सदस्यो को सरोपे देकर सम्मानित किया । और ही कहा कि जब तक सिघसाहिबान जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह का फैसला नही आता तब तक ये पांच सदस्यों से ही गुरुद्वारा साहिब का सारे कामकाज को देखा जायेगा ।

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