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32 वर्षो से कच्ची सड़को पर चलने को मजबूर ग्रामीण

32 वर्षो से कच्ची सड़को पर चलने को मजबूर ग्रामीण

 

जनप्रतिनिधियों ने दिये झूठे आश्वासन।


ग्रामीणों ने कहा पक्की सड़क नही तो वोट नही।


 नानकमत्ता: (ब्यूरो) नानकमत्ता क्षेत्र के ग्राम आमखेड़ा ग्राम सभा बरखेड़ा के दर्जनों ग्रामीणों ने अपना दुखड़ा सुनाते हुए बताया कि उत्तराखंड को बने हुए 21 वर्ष होने जा रहे है । लेकिन गाँव की सड़कों की हालत यह है कि सड़क पर धान की रोपाई की जा सकती है । वर्षो से आस लगाए बैठे है कि इस बार जरूर पक्की सड़क ग्रामीणों को मिल जायेगी लेकिन हर बार कोरी कल्पना और झूठे वायदे जनप्रतिनिधियों के दिये जा रहे है । वही वरिष्ठ कांग्रेस नेता व ग्राम सभा बरखेड़ा के पूर्व प्रधान सरदार महताब सिंह ने बताया कि 32 साल से पक्की सड़क नही बनी है बलखेड़ा से यूपी बॉर्डर नवीनगर आमखेड़ा तक लगभग डेढ़ किलोमीटर, नवीनगर से आमखेड़ा से दीननगर मार्ग भी लगभग डेढ़ किलोमीटर, आमखेड़ा से सुन्दरपुर खमरिया मार्ग लगभग दो किलोमीटर है इन कच्ची सड़को पर नानकमत्ता का दक्षिण क्षेत्र और यूपी के हरदासपुर, कुलारा आदि गाँव लगते है और इन कच्ची सड़को से रोज लगभग सात से आठ हजार लोग निकलते है लेकिन नरक जैसी जिंदगी है पूर्व प्रधान महताब सिंह ने बताया कि गोपाल सिंह राणा से कई बार कहा जब वह विधायक थे प्रेम सिंह राणा से भी लगातार संपर्क किया लेकिन वो भी सुनने को तैयार नही त्रिवेंद्र सिंह रावत  मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने इन मार्गो को पक्का करने की घोषणा की थी लेकिन वो भी सिर्फ लॉलीपॉप था 2019 में पीडब्ल्यूडी ने सर्वे किया और आश्वासन दिया । लेकिन आज दिन तक पक्की सड़क नही बनी है अब ग्रामीणों ने गाँव मे बोर्ड लगाने की तैयारी की है रोड नही तो वोट नही साथ ही उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया जायेगा और फिर भी सड़को को नही बनाया गया तो उपजिलाधिकारी व जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना प्रदर्शन कर विरोध किया जायेगा ।कच्ची सड़क को लेकर विरोध करने वालो में पूर्व प्रधान महताब सिंह, गुरमीत सिंह, सुखविंदर सिंह, बक्शीश सिंह,,ध्यान सिंह, मेहर सिंह, बलबीर सिंह, शमशेर सिंह, राज सिंह, मुकेश राणा,सत्यवत राणा, अजय राणा, सतीश राणा, ललित राणा आदि सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे ।



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