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गुरू व्यक्तित्व  का नव निर्माण करते हैं।

गुरू व्यक्तित्व का नव निर्माण करते हैं।

नानकमत्ता:(चरनसिंह सरारी) श्री गुरुनानक देव स्नातकोत्तर महाविद्यालय नानकमत्ता के सभागार  में शिक्षक दिवस  के उपलक्ष्य  में कार्यक्रम  प्रस्तुत  किए  गये।कार्यक्रम का शुभारम्भ महाविद्यालय की प्राचार्य  डां० सीता मेहता,डां०  इन्दु बाला,एवं डां० मनिन्दर सिंह गुलाटी ने मां सरस्वती एवं डां० सर्वपल्ली राधाकृष्णन  के चित्र  के समक्ष दीप प्रज्वलन कर हुआ।कार्यक्रम में बीएड एवं बीए के छात्राओं  ने वन्दना प्रस्तुत की ।इस अवसर पर प्राचार्य  डॉ०  सीता मेहता ने कहा कि विद्यार्थियों को एक आदर्श  छात्र बनकर शिक्षा ग्रहण  करनी चाहिए  गुरू कृपा से मनुष्य जीवन  में अपने लक्ष्य को प्राप्त  कर सकते हैं।डां० मनिन्दर सिंह गुलाटी ने कहा कि शिक्षक की भूमिका एक अच्छे समाज के निर्माण के लिए होती है।बीएड विभाग की डां० इन्दु बाला ने  कहा कि छात्र -छात्राओं को शिक्षक का सम्मान  करना चाहिए , शिक्षक की कृपा से छात्र- छात्राऐं अपने जीवन  के लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। संस्कृत प्राध्यापक डॉ० मनोजकुमार जोशी ने कहा कि प्राचीन भारतीय  परम्परा में गुरू शिष्य परम्परा अद्वितीय रही है ।गुरू की श्रेष्ठता से ही एक श्रेष्ठ  समाज का निर्माण हो सकता है।इस अवसर पर  बीएड  की छात्रा शालू ने सुन्दर नृत्य  प्रस्तुत  किया।कु० प्रियंका ने भाषण और बीए  की छात्रा नीतू माझी ने सुन्दर कविता प्रस्तुत की और भी बीए -बीबीए के छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम  प्रस्तुत किये।इस अवसर पर महाविद्यालय के बीएड विभाग के प्राध्यापक  गोपाल सिंह, वर्षा सक्सेना, मनोज कुमार, डां० रश्मि सारथी,शोभा बोरा ,आरती राना,कामिनी राना,नीमा गोस्वामी,हरविंदर सिंह, प्रिया थापा,कविन्द्र सिंह, पंकज सिंह बोहरा,रोशन कुमार,अफ्सा खान,रेनू थापा,पूनम राना,दुर्गानाथ गोस्वामीऔर देवराम सहित महाविद्यालय  के तमाम छात्र-छात्राऐं उपस्थित  थे।

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